हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने अपनी पार्टी, फ़िडेज़ की हालिया चुनावी हार के दस कारण बताए हैं। ऑर्बन के अनुसार, पार्टी का चुनावी प्रस्ताव मतदाताओं को पर्याप्त रूप से आकर्षित करने में विफल रहा। इसके अतिरिक्त, भ्रष्टाचार के आरोपों का पार्टी द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका, जिससे जनता में नकारात्मक धारणा बनी। ऑर्बन ने यह भी स्वीकार किया कि 'तिस्ज़ा पार्टी' ने मतदाताओं को सफलतापूर्वक संगठित किया और फ़िडेज़ को कड़ी टक्कर दी। यह हार फ़िडेज़ के लिए एक बड़ा झटका है, जिसने पिछले कई वर्षों से हंगरी की राजनीति पर प्रभुत्व रखा है। ऑर्बन ने हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए पार्टी में सुधार करने की बात कही है। विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।