आगामी चुनावों में अभी समय है, लेकिन विपक्षी दलों में अगली सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। विभिन्न दलों के नेता अब से ही प्रमुख पदों पर अपनी दावेदारी जता रहे हैं। यह स्थिति दर्शाती है कि सत्ता हासिल करने की महत्वाकांक्षा विपक्षी खेमे में प्रबल है। माना जा रहा है कि यह शुरुआती दौर मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर भविष्य में और तीव्र हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रतिस्पर्धा विपक्षी एकता के लिए भी एक चुनौती बन सकती है। फिलहाल, दलों के बीच पर्दे के पीछे लॉबिंग और रणनीति बनाने का दौर जारी है।