एक सांसद ने फ़िडेज़ द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि संवैधानिक न्यायालय के न्यायाधीशों ने राष्ट्रपति से जुड़े मामले से खुद को इसलिए अलग कर लिया क्योंकि वे पेशेवर कारणों से ऐसा करने के लिए बाध्य थे। सांसद ने फ़िडेज़ को शुभकामनाएं दीं और मामले में आगे की खींचतान की उम्मीद जताई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायाधीशों और उनके बीच कोई समझौता नहीं हुआ था। यह बयान फ़िडेज़ द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब है, जिसमें दावा किया गया था कि न्यायाधीशों ने जानबूझकर राष्ट्रपति मामले से खुद को अलग कर लिया। सांसद का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह से गलत और आधारहीन हैं। इस मामले ने हंगरी की राजनीति में गरमाहट ला दी है।