रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (CHP) के नेता केमल किलीचदारोग्लू ने हाल ही में दिए एक बयान में ‘स्वदेशी’ और ‘राष्ट्रीय’ होने की बात कही है। इस बयान ने तुर्की की राजनीति में बहस छेड़ दी है। विश्लेषकों का मानना है कि किलीचदारोग्लू का यह रुख राष्ट्रवादी मतदाताओं को आकर्षित करने की एक रणनीति हो सकती है। हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि यह CHP के पारंपरिक मूल्यों से विचलन का संकेत है। किलीचदारोग्लू के इस बयान के बाद CHP के भीतर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों ने इस पर तीखी टिप्पणियां की हैं, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इसे खोखला प्रचार बताया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि किलीचदारोग्लू का यह ‘स्वदेशी’ रुख आगामी चुनावों में पार्टी के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।