विपक्ष नेता डॉ. शफिकुर रहमान ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह जनमत संग्रह के फैसले को लागू करने और महत्वपूर्ण सुधार अध्यादेशों को निष्प्रभावित करने के कारण पूर्ण सुधारों को दरकिनार कर खंडित सुधारों की ओर बढ़ रही है। उन्होंने संसद में देशव्यापी बिजली और गैस संकट, अनियंत्रित कीमतों में वृद्धि और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के कारण लोगों के जीवन की कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला। डॉ. रहमान ने इन संकटों पर चर्चा करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार इन मुद्दों को संबोधित करने में विफल रही है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है। विपक्ष, इन चुनौतियों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बढ़ती महंगाई और बुनियादी सेवाओं की कमी से जनता में असंतोष बढ़ रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

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