एमएनबी (हंगरी का केंद्रीय बैंक) मामले में गठित जांच समिति के काम में मुश्किलें आने की आशंका है। यह जटिलता केवल घोटाले की गंभीरता के कारण नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों, विशेष रूप से तुज़ोन बेंस के हस्तक्षेप के कारण भी है। विपक्ष के सदस्य जांच के लिए तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लगातार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा लगता है कि सत्तारूढ़ दल जांच को धीमा करने या प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। यह स्थिति समिति के प्रभावी ढंग से काम करने और सच्चाई का पता लगाने की क्षमता को खतरे में डालती है। विपक्ष ने पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग की है, लेकिन सत्तारूढ़ दल के रवैये से संदेह पैदा होता है। यह मामला हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।