विपक्ष के सांसदों ने आंतरिक मंत्री कार्लोस नेग्रो द्वारा घोषित सैन्य गश्त में सेना की भागीदारी के कानूनी पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की सुरक्षा नीति में "पूर्ण बदलाव" पर भी कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का कहना है कि यह कदम पहले की नीतियों के विपरीत है और इसकी कानूनी वैधता संदिग्ध है। सांसदों ने इस फैसले को "अचानक उठाया गया कदम" बताते हुए अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका तर्क है कि सेना को कानून प्रवर्तन में शामिल करने से नागरिक स्वतंत्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विपक्ष इस मामले में सरकार से स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी की मांग कर रहा है। यह घोषणा देश में सुरक्षा रणनीति पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकती है।
