पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सांसदों ने वित्तीय वर्ष 2026 के बजट में उनके प्रस्तावों को खारिज करने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर विपक्ष की आवाज़ को दबाया है और बजट में उनकी महत्वपूर्ण सुझावों को शामिल नहीं किया गया। पीटीआई सांसदों का कहना है कि बजट देश की आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने में विफल रहेगा क्योंकि इसमें समावेशी विकास और आम आदमी के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है। उन्होंने सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का भी आरोप लगाया। विपक्ष ने इस मुद्दे को संसद में उठाने और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बनाई है। पीटीआई का कहना है कि वे जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। बजट पर आगे की बहस और विरोध प्रदर्शन की संभावना है।
