ओपनएआई के अनुसार, कृत्रिम सामान्य बुद्धिमत्ता (एजीआई) का युग शुरू हो गया है, जहाँ कंप्यूटर मनुष्यों से अधिक स्वतंत्र रूप से और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, एजीआई की परिभाषा अस्पष्ट है और इस पर विशेषज्ञों के बीच मतभेद हैं। कुछ लोग इसे केवल बुद्धि से अधिक मानते हैं, जबकि अन्य इसे विनाशकारी परिदृश्यों से जोड़ते हैं। विशेषज्ञ इल्यास नसरुल्लाह का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तुलना मानव बुद्धि से करना तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं। एजीआई के विकास पर भारी निवेश और शक्ति केंद्रित हो रही है, जिससे नैतिक चिंताएं बढ़ रही हैं। एजीआई की क्षमताएं और खतरे अभी भी बहस का विषय हैं।