ओपेप+ के सदस्य देशों ने नवंबर महीने के लिए तेल उत्पादन के लक्ष्यों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। यह निर्णय तेल उत्पादक देशों के एक महत्वपूर्ण समूह की ओर से आया है, जिनमें विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र के देश शामिल हैं। इन देशों में लगातार व्यवधानों के कारण उत्पादन लक्ष्य से काफी कम रहा है। खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों ने लगातार अपने निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने में अक्षमता दिखाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए लिया गया है। इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि ओपेप+ तेल आपूर्ति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आगामी महीनों में बाजार की प्रतिक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।