ओपेक+ देशों ने अगस्त 2026 में तेल उत्पादन कोटा 188,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने पर सहमति जताई है। यह कदम मध्य पूर्व में स्थिरता लौटने के बीच उठाया गया है। इसका उद्देश्य युद्ध से पहले के आपूर्ति स्तर को बहाल करना है। यह निर्णय वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। माना जा रहा है कि इससे तेल की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। ओपेक+ देशों का यह फैसला तेल उत्पादक देशों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगा। इस समझौते से ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।