इंटरनेट पर महिलाओं के प्रति घृणा अब महज विचारधारा का प्रदर्शन नहीं रही, बल्कि एक व्यवसाय बन गया है। ऑनलाइन कट्टरता विशेषज्ञ वेरोनिका क्राचर के अनुसार, ‘नियो-मैनोस्फियर’ जैसे नए समूह विशेष रूप से महिलाओं के प्रति घृणा फैलाने वाली सामग्री का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहे हैं। ये समूह मुख्य रूप से उन पुरुषों को लक्षित करते हैं जो खुद को पीड़ित मानते हैं और जिन्हें लगता है कि समाज में उनकी अनदेखी की जा रही है। क्राचर का कहना है कि इस तरह की सामग्री का उद्देश्य भारी मात्रा में उत्पादन करना है, जिससे लाभ कमाया जा सके। यह ऑनलाइन घृणा का एक संगठित और व्यावसायिक रूप है, जो विचारधारा से प्रेरित होने के साथ-साथ आर्थिक लाभ पर भी केंद्रित है। विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं क्योंकि यह महिलाओं के खिलाफ हिंसा और भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है। इस समस्या से निपटने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्मों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
