नेशनल पार्टी के नेता ने वन नेशन पर हमला किया है, जिसके बाद उनकी नई सांसद फ़ार्ली ने टील्स के साथ वोट किया। इस घटना से वन नेशन के भीतर नियंत्रण खोने के संकेत मिले हैं। नेशनल पार्टी के नेता का कहना है कि फ़ार्ली के वोट से वन नेशन के सांसदों पर पार्टी नेतृत्व का प्रभाव कमज़ोर हुआ है। यह वोट वन नेशन के लिए एक झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी की एकता और अनुशासन पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से वन नेशन की भविष्य की रणनीति पर असर पड़ सकता है। फ़ार्ली के इस कदम से पार्टी में असंतोष भी बढ़ सकता है। इस मामले पर वन नेशन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।