संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम में ओमान ने सहनशीलता, सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से व्यक्त किया है। ओमान ने नफ़रत फैलाने वाले भाषणों के ख़िलाफ़ लड़ाई में अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने पर ज़ोर दिया। देश ने सभी धर्मों और संस्कृतियों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। ओमान का मानना है कि नफ़रत फैलाने वाले भाषण समाज में विभाजन पैदा करते हैं और शांति एवं सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नफ़रत फैलाने वाले भाषणों से निपटने के लिए वैश्विक रणनीति विकसित करना था। ओमान ने इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही है। देश ने राष्ट्रीय स्तर पर भी सहनशीलता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं।