चालीस, पचास और साठ के दशक में उम्रदराज लोगों के लिए नौकरी खोजना बेहद मुश्किल हो रहा है। पाठकों का कहना है कि उन्हें नौकरी के आवेदनों से अपनी जन्मतिथि हटाने की सलाह दी गई ताकि उम्र के आधार पर भेदभाव से बचा जा सके। यह स्थिति दर्शाती है कि अनुभवी पेशेवरों को भी रोजगार बाजार में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने अनुभव होते हुए भी नौकरी पाने में कठिनाई व्यक्त की है। इस प्रवृत्ति से पता चलता है कि आयु को लेकर पूर्वाग्रह अभी भी मौजूद हैं। नौकरी खोजने वाले लोग अपनी उम्र छिपाने के लिए मजबूर महसूस कर रहे हैं ताकि उन्हें मौका मिल सके। यह मुद्दा कार्यबल में उम्र के आधार पर होने वाले भेदभाव पर प्रकाश डालता है।

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