पथवेज़ कार्बन कैप्चर परियोजना की घोषणा के चार साल बाद भी, यह परियोजना कई अनिश्चितताओं से घिरी हुई है। परियोजना का पर्यावरणीय प्रभाव अभी भी स्पष्ट नहीं है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका वित्तपोषण कौन कर रहा है, यह एक रहस्य बना हुआ है। तेल रेत उद्योग द्वारा शुरू की गई यह पहल, एक बड़ी चुनौती का सामना कर रही है क्योंकि लागत और निवेश को लेकर स्पष्टता का अभाव है। परियोजना के विवरण धीरे-धीरे अस्पष्ट होते जा रहे हैं, जिससे इसके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना को सफल बनाने के लिए सरकारी सहायता और निजी निवेश दोनों की आवश्यकता होगी। हालांकि, वर्तमान स्थिति में, यह स्पष्ट नहीं है कि धन कहां से आएगा और परियोजना कब तक व्यवहार्य रहेगी। इस अनिश्चितता के कारण, परियोजना के वास्तविक लाभों पर भी संदेह जताया जा रहा है।