अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नवंबर चुनावों से पहले ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई दोनों में ५% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है, जो ईरान के बुनियादी ढांचे पर संभावित सैन्य कार्रवाई के कारण है। माना जा रहा है कि ये कार्रवाई बाज़ार को प्रभावित करने के उद्देश्य से की जा सकती है। ईरान पर हमले की आशंका ने ऊर्जा बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति में तेल की कीमतों में और भी वृद्धि हो सकती है। यह वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती है, क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। मध्य पूर्व क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा भी बढ़ गया है।