हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद रहने के कारण तेल की कीमतें लगातार दूसरे दिन बढ़ रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण परिष्कृत उत्पादों की कीमतें भी बढ़ रही हैं। इससे कल शाम (13 अगस्त) होने वाली समीक्षा में घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अनुमान से कम गिरावट आने की संभावना है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेज़ी का असर भारत में भी दिखाई देगा। आपूर्ति बाधित होने से बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। कीमतों में संभावित बदलाव का उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार स्थिति पर नज़र रख रही है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।