कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जो पूरे सत्र में अस्थिर कारोबार के बाद दर्ज की गई। यह वृद्धि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत की उम्मीदों के कारण हुई है। ये उम्मीदें यमन के हौथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के खिलाफ लगाए गए नौसैनिक नाकाबंदी के खतरे को कम करने में सफल रहीं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वार्ता सफल होती है, तो ईरान से तेल आपूर्ति में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, हौथी विद्रोहियों की नाकाबंदी ने आपूर्ति संबंधी चिंताओं को भी जन्म दिया है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहा। कुल मिलाकर, बाजार की धारणा सकारात्मक रही, जिससे तेल की कीमतों में मजबूती आई।