अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी समझौते के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार की उम्मीदों के कारण तेल की कीमतों में गुरुवार को भारी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड वायदा में 1.53 डॉलर, या 1.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे कीमत 78.02 डॉलर प्रति बैरल हो गई। यह गिरावट तेल की कीमतों में अमेरिकी-ईरानी संघर्ष की शुरुआत के बाद का सबसे बड़ा स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर दबाव आएगा। यह समझौता तेल बाजार में अनिश्चितता को कम करने में भी सहायक हो सकता है। फिलहाल, बाजार इस समझौते के दीर्घकालिक प्रभावों का आकलन कर रहा है। इस गिरावट से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।
