ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते के कारण तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इस समझौते से हॉर्मुज़ की जलडमरूमध्य के फिर से खुलने और तेल के जहाजों की आवाजाही बहाल होने की उम्मीद बढ़ गई है। वैश्विक तेल बाजार में इस खबर के बाद गिरावट दर्ज की गई, और कीमतें 80 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता तेल आपूर्ति में स्थिरता ला सकता है। इससे पहले, भू-राजनीतिक तनावों के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि हुई थी। फिलहाल, बाजार इस समझौते के अंतिम रूप और इसके प्रभावों पर नजर रख रहा है। यह गिरावट उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि ईंधन की कीमतों में कमी आ सकती है।
