चुनावी माहौल की अनिश्चितता के कारण डॉलर की कीमत में वृद्धि देखी जा रही है, और यह 3.465 डॉलर के स्तर को पार कर गया है। वहीं, तेल की कीमतों में भी 1% से अधिक की गिरावट आई है, जो ईरान के साथ युद्ध की शुरुआत के समय के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है। बाजार में अस्थिरता का माहौल है, जिसके चलते निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। तेल की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानीपूर्वक निवेश करें और बाजार की गतिविधियों पर नजर रखें। यह गिरावट ईरान के साथ संभावित संघर्ष की आशंकाओं के कम होने के कारण भी हो सकती है।