न्यूयॉर्क में 24 तारीख को अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के कारण है। कीमतों में आई इस गिरावट से तेल की कीमतें युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर पर पहुँच गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू होने की संभावना भी कीमतों में गिरावट का एक कारण है। इस गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की निगाहें ईरान और अमेरिका के बीच आगे होने वाली बातचीत पर टिकी हुई हैं।
