अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों की अवधि के लिए एक समझौता हुआ है। इस समझौते के परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में गिरावट आई है। उरुग्वे में ईंधन की कीमतों में तत्काल कमी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने में मदद कर सकता है। हालांकि, समझौते की शर्तों और दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अगले 60 दिनों में स्थिति कैसे विकसित होती है और इसका उरुग्वे की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस समझौते से उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
