अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के कारण ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें तीन महीनों में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गईं, और 87 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में लगभग 8 अमेरिकी डॉलर की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। यह गिरावट इस उम्मीद के कारण है कि दोनों देशों के बीच समझौता होने से तेल आपूर्ति में वृद्धि हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि समझौता सफल होता है, तो तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है। सोने की कीमतों में वृद्धि को भू-राजनीतिक तनावों के प्रति निवेशकों की सतर्कता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल, बाजार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। इस समझौते का वैश्विक ऊर्जा बाजार और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।