अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों के कारण वैश्विक तेल बाजार में कीमतों में गिरावट आई है। यह गिरावट पिछले तीन महीनों में सबसे बड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो तेल की आपूर्ति में वृद्धि होगी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ेगा। वर्तमान में, वैश्विक तेल बाजार भू-राजनीतिक तनावों और आपूर्ति संबंधी चिंताओं से प्रभावित है। इस समझौते से बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है। तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) भी इस स्थिति पर नजर रख रहा है। इस गिरावट से उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम हो सकती हैं।