ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति वार्ता के संकेतों के बीच तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। कीमतें तीन महीने के निचले स्तर पर पहुँच गई हैं, हालाँकि अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से ऊपर बनी हुई हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन फिर से शुरू हो सकता है। यह संभावित सुधार वैश्विक तेल आपूर्ति को बढ़ा सकता है, जिससे कीमतों पर दबाव आ रहा है। फिलहाल बाजार इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से तेल बाजार में स्थिरता आ सकती है। हालांकि, आपूर्ति और मांग की गतिशीलता कीमतों को प्रभावित करती रहेगी।
