वैश्विक तेल की कीमतों में गिरावट जारी है, और वे लगभग चार महीनों में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई हैं। यह गिरावट संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए हटाने के बाद आई है, जो प्रारंभिक वार्ता का परिणाम है। अनुमान है कि 25 जून को घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में कमी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर प्रतिबंधों में ढील से तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ेगा। यह स्थिति वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर रही है। भारत में भी इस गिरावट का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखने को मिल सकता है।