डॉलर की मजबूती के कारण सोने के दामों में सात महीने का सबसे बड़ा गिरावट दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें भी 1.65% गिरकर 72.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं। बाजार में मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति बढ़ने की संभावनाओं से भी तेल की कीमतों पर दबाव है। विश्लेषकों का मानना है कि डॉलर के मजबूत होने से अन्य मुद्राओं में वस्तुओं की कीमतें कम हो जाती हैं। सोने और तेल दोनों की कीमतों में गिरावट वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है। आपूर्ति बढ़ने की उम्मीदों के कारण तेल बाजार में सतर्कता बनी हुई है। निवेशकों का ध्यान अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर केंद्रित है।
