ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की खबर के बाद तेल की कीमतें आधी रात से चार प्रतिशत गिर गई हैं। यह गिरावट वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बढ़ने की आशंकाओं के कारण हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने से ईरान तेल उत्पादन बढ़ा सकता है। इससे तेल की आपूर्ति में वृद्धि होगी और कीमतों पर दबाव पड़ेगा। बाजार इस खबर पर तुरंत प्रतिक्रिया दे रहा है, और तेल वायदा की कीमतें गिर रही हैं। यह समझौता भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करता है, जो पहले तेल की कीमतों को बढ़ा रहा था। तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) की प्रतिक्रिया पर भी बाजार की नजर है।
