ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद तेल बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम फिर से बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे ही रहा। ट्रंप द्वारा ईरान समझौते पर सवाल उठाने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। फिलहाल, कीमतों में यह वृद्धि मामूली है, लेकिन आगे चलकर स्थिति बदल सकती है। बाजार की नजरें अब ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली किसी भी संभावित वार्ता पर टिकी हैं।
