तेल की कीमतों में गिरावट के कारण शेयर और बॉन्ड बाजारों में तेजी आई है। क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी ने निवेशकों को राहत प्रदान की है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। इस गिरावट के चलते, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी थोड़ी कम हो गई है। निवेशक अब फेडरल रिजर्व के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जो बुधवार को आने वाला है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि तेल की कीमतों में स्थिरता से मुद्रास्फीति पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। इस सकारात्मक बदलाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, बाजार में उम्मीद का माहौल है और निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।