अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों के बीच वैश्विक तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जो दस प्रतिशत तक पहुँच गई है। इस गिरावट के साथ ही शेयर बाजारों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, और यदि दोनों देशों के बीच कोई स्थायी समझौता नहीं होता है, तो कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं। हर्मुज़ जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद ने भी तेल की कीमतों को कम करने में योगदान दिया है। फिलहाल, बाजार अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच चल रही वार्ता पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। यह समझौता ऊर्जा बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, समझौते की सफलता अभी भी अनिश्चित है।