ईरान में शांति वार्ता की संभावनाओं के बीच तेल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। निवेशकों का ध्यान फिलहाल ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संभावित समझौते पर केंद्रित है, जिससे तेल आपूर्ति में वृद्धि की उम्मीद है। इस समझौते से प्रतिबंध हटने पर ईरान तेल उत्पादन बढ़ा सकता है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति में सुधार होगा। फिलहाल, बाजार में सट्टा कारोबार कम है और कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वार्ता के नतीजों पर तेल की कीमतों का रुख निर्भर करेगा। यदि वार्ता सफल होती है, तो कीमतों में गिरावट आ सकती है, जबकि विफलता की स्थिति में कीमतों में वृद्धि हो सकती है। फिलहाल, बाजार सावधानी से स्थिति का आकलन कर रहा है।
