तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) ने गुरुवार को वैश्विक तेल मांग के अगले चार वर्षों तक मजबूत रहने का पूर्वानुमान बरकरार रखा है। संगठन ने लंबी अवधि के लिए भी अपने दृष्टिकोण को थोड़ा ऊपर की ओर संशोधित किया है। ओपेक का कहना है कि दुनिया भर में तेल के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों में बदलाव आ रहा है। संगठन को तेल की मांग में किसी भी तरह की गिरावट के संकेत नहीं दिख रहे हैं, और उनका मानना है कि 2050 तक मांग में कमी नहीं आएगी। यह पूर्वानुमान ऊर्जा बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तेल की कीमतों और निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकता है। ओपेक के इस रुख से संकेत मिलता है कि जीवाश्म ईंधन की मांग निकट भविष्य में कम होने की संभावना नहीं है।