जून के अंत में महासागरों की सतह पर अभूतपूर्व तापमान दर्ज किया गया है, जो साल के इस समय के लिए चिंताजनक है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति आगे आने वाले महीनों में और भी बदतर हो सकती है, और नए तापमान रिकॉर्ड बन सकते हैं। यह गर्मी सामान्य से बहुत अधिक है, जो आमतौर पर बहुत गर्म ग्रीष्मकाल के अंत में देखने को मिलती है। इस अभूतपूर्व वार्मिंग से समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है, जिसमें समुद्री जीवन और जलवायु पैटर्न शामिल हैं। विशेषज्ञ इस स्थिति को जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत मानते हैं और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं। गर्मी बढ़ने से समुद्री धाराओं और मौसम के मिजाज पर भी असर पड़ सकता है। इस अभूतपूर्व गर्मी को लेकर वैज्ञानिक समुदाय में चिंता बढ़ गई है।