दुनिया के महासागरों में गर्मी का तनाव बढ़ रहा है, और औसत समुद्री सतह का तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। यह एक नया रिकॉर्ड है, जो जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी है। वैज्ञानिक अल नीनो की स्थिति के उभरने की आशंका जता रहे हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो सकती है। अल नीनो के कारण वैश्विक तापमान में और वृद्धि हो सकती है और चरम मौसम की घटनाओं की आवृत्ति बढ़ सकती है। यह समुद्री जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण है।