पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान समझौते पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह समझौता 2015 में हुए समझौते से बेहतर नहीं होगा। ओबामा के अनुसार, वॉशिंगटन की सभी मांगों को पूरा करने वाला समझौता प्राप्त करने के बजाय, एक ऐसा समझौता करना बेहतर है जो पूर्ण युद्ध से बच सके, भले ही वह सभी अपेक्षाओं पर खरा न उतरे। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत में कुछ रियायतें देना युद्ध की आशंका को कम करने के लिए आवश्यक है। ओबामा ने ट्रंप प्रशासन द्वारा 2015 के समझौते से एकतरफा हटने की आलोचना की थी, जिसके बाद ईरान ने समझौते के कुछ प्रावधानों का पालन करना बंद कर दिया। उनका मानना है कि बातचीत के माध्यम से एक व्यावहारिक समाधान खोजना अधिक सुरक्षित और प्रभावी रणनीति है। इस बयान से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चल रही चिंताओं के बीच ओबामा की विदेश नीति पर प्रकाश पड़ता है।
