महापौर ज़ोरन माम्दानी ने एक आगामी रैली के लिए अपना समर्थन वापस ले लिया है, जिसमें भारत के एक हिंदू राष्ट्रवादी समूह के नेता को आमंत्रित किया गया है। माम्दानी ने इस फैसले के पीछे भारत में बढ़ती हुई बहिष्करणवादी विचारधारा को कारण बताया है। उन्होंने कहा कि यह विचारधारा समावेशी और बहुलवादी मूल्यों के विपरीत है, जिनका वे समर्थन करते हैं। माम्दानी ने इस कार्यक्रम को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और स्पष्ट किया है कि वे ऐसे किसी भी आयोजन से दूरी बनाए रखेंगे जो विभाजनकारी या भेदभावपूर्ण हो। उनका मानना है कि सभी समुदायों को सम्मान और समानता के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए। माम्दानी का यह विरोध भारत और अमेरिका के संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है। यह घटना धार्मिक सहिष्णुता और राजनीतिक ध्रुवीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालती है।