पिछले अप्रैल से निवेदिया दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में अग्रणी थी। हालांकि, शुक्रवार को एप्पल ने निवेदिया को पीछे छोड़ दिया और फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। यह बदलाव संक्षिप्त रहा, लेकिन बाजार पूंजीकरण में इस बदलाव ने ध्यान आकर्षित किया। निवेदिया और एप्पल के बीच यह प्रतिस्पर्धा लगातार जारी है। एप्पल का यह प्रदर्शन निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। तकनीकी दिग्गज एप्पल की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इस बदलाव के कारणों का विश्लेषण बाजार विशेषज्ञ कर रहे हैं।