विश्वविद्यालय के छात्रों ने दूरदराज के इलाकों में इंटर्नशिप करते हुए जीवन की चुनौतियों का सामना किया। नर्सिंग की छात्रा तारनी बताती हैं कि उनकी 'सर्वाइवल किट' में भोजन, स्लीपिंग बैग, कुर्सी और लैपटॉप रखने की छोटी मेज शामिल थी। यह अनुभव उनके लिए 'चरित्र निर्माण' जैसा रहा, जहाँ उन्हें व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी सीखनी पड़ी। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने के दौरान छात्रों को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ा। इन इंटर्नशिप्स का उद्देश्य छात्रों को वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के लिए तैयार करना है। इस अनुभव ने छात्रों को न केवल पेशेवर रूप से, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी मजबूत बनाया है। यह दर्शाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रखा जा सकता है।
