स्वास्थ्य मंत्री साइमन ब्राउन के बोर्ड द्वारा नियुक्त लोगों पर नर्सिंग परिषद के प्रमुख के अचानक इस्तीफे का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि मंत्री ने परिषद में सीधे एक नए सीईओ को नियुक्त करने का प्रयास किया, जिससे परिषद की स्वतंत्रता खतरे में पड़ गई। माना जा रहा है कि यह नियुक्ति बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए की गई थी। इस हस्तक्षेप के कारण परिषद प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार की आलोचना की है और पारदर्शिता की मांग की है। इस घटना ने नियामक निकायों की स्वतंत्रता और राजनीतिक हस्तक्षेप के मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।