नू (Nahdlatul Ulama) के एक सम्मेलन में, संगठन के उप महासचिव, गुस मशूम फकीह ने जोर देकर कहा कि शालीनता और मर्यादा नू की सभी बैठकों और परामर्शों का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नू की परंपरा में, चर्चाओं और निर्णयों में शालीन व्यवहार का महत्व हमेशा से रहा है। फकीह ने कहा कि यह दृष्टिकोण नू की एकता और प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि विचारों में भिन्नता के बावजूद, सम्मानजनक संवाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका मानना है कि शालीनता नू के सदस्यों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देती है। फकीह का यह बयान नू के भीतर स्वस्थ और रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है। यह नू के मूल्यों और सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।