येन्नी वाहिद ने मुक्तामर (सम्मेलन) में हुए हंगामे और तबाही की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और गुस्से में तोड़फोड़ नाहदतुअल उलामा (NU) की संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। NU हमेशा मतभेदों को सुलझाने के लिए आपसी सलाह और विचार-विमर्श को प्राथमिकता देती है। येन्नी वाहिद ने जोर देकर कहा कि NU एक ऐसा संगठन है जो शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से समस्याओं का समाधान ढूंढता है। उन्होंने इस तरह के हिंसक प्रदर्शनों को NU के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। येन्नी का मानना है कि इस तरह की घटनाएं संगठन की छवि को खराब करती हैं। यह टिप्पणी NU के भीतर चल रहे तनावों के बीच आई है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文