नाथन रिवर रिसोर्सेज कंपनी के स्वैच्छिक प्रशासन में जाने के बाद, लेनदारों ने उत्तरी क्षेत्र सरकार की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। लेनदारों का आरोप है कि सरकार ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। ऑस्ट्रेलियाई प्रतिभूति एवं निवेश आयोग (ASIC) के दस्तावेजों से पता चला है कि इस खनन कंपनी पर 360 मिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है। कंपनी के दिवालिया होने से निवेशकों और कर्मचारियों पर असर पड़ने की आशंका है। सरकार पर अब यह सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए। इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। यह घटना उत्तरी क्षेत्र में खनन उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को उजागर करती है।