उत्तरी क्षेत्र की सरकार ने जहरीले प्रदूषकों की निगरानी के लिए एक नई योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस नई व्यवस्था के तहत कैंसर पैदा करने वाले उत्सर्जन की भी बारीकी से जांच की जाएगी। यह कदम एक हालिया समीक्षा के बाद उठाया गया है, जिसमें गंभीर खामियां पाई गईं। समीक्षा में पाया गया कि गैस दिग्गज कंपनी इनपेक्स ने डार्विन में अपने उत्सर्जन के आंकड़ों को कम करके बताया था। सरकार अब वायु गुणवत्ता की निगरानी प्रणाली को उन्नत करने पर जोर दे रही है। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कदम औद्योगिक उत्सर्जन की सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
