लिबरल पार्टी की नेता ने आईसीएसी (ICAC) की जांच पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस मामले में अन्य लोगों की तरह ही जानकारी प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता की घोषणा करने से इनकार कर दिया, जिससे विपक्ष ने उनकी प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि एक नेता के रूप में, उन्हें भ्रष्टाचार को खत्म करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए थी। इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने से बचकर, नेता ने जनता के बीच विश्वास की कमी पैदा की है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस मुद्दे पर तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है। पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी जनता में चिंता बढ़ा सकती है। यह घटना लिबरल पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार से निपटने की इच्छा पर संदेह पैदा करती है।