विपक्षी न्यू पैट्रियोटिक पार्टी (एनपीपी) ने आंतरिक पार्टी चुनावों के लिए प्रतिनिधि प्रणाली को अवैध ठहराने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अस्वीकार कर दिया है। पार्टी का मानना है कि यह फैसला आंतरिक चुनावों के आयोजन की लागत में वृद्धि करेगा। एनपीपी ने इस फैसले पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि इससे पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। पार्टी इस फैसले के निहितार्थों का मूल्यांकन कर रही है और आगे की रणनीति पर विचार कर रही है। एनपीपी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। पार्टी का कहना है कि वह अपने सदस्यों के साथ परामर्श करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्णय से पार्टी पर कम से कम प्रभाव पड़े। इस मामले में आगे भी राजनीतिक गतिविधियां होने की संभावना है।

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