चितवन में लोगों पर घातक हमलों की एक श्रृंखला के बाद, वन्यजीव अधिकारियों ने आखिरकार कुख्यात हाथी 'धूर्बे' को ट्रैक करने में सफलता प्राप्त की है। दस दिनों की खोज के बाद, अधिकारियों ने धूर्बे को ट्रैंक्यूलाइज़ किया और उस पर एक सैटेलाइट कॉलर लगाया। इस कदम का उद्देश्य हाथी की गतिविधियों पर नज़र रखना और आगे होने वाले घातक मुठभेड़ों को रोकना है। 'धूर्बे' को पहले भी कई मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था, जिससे स्थानीय समुदायों में डर का माहौल था। सैटेलाइट कॉलर से अधिकारियों को वास्तविक समय में धूर्बे के स्थान की जानकारी मिलेगी, जिससे समय पर हस्तक्षेप और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल लोगों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। इस तकनीक से हाथी के संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में जाने पर त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो पाएगी।