फिल्म 'पो वेचेर्के' (Po večerce) के निर्देशक और लेखक दान पांके के लिए यह फिल्म उनकी व्यक्तिगत यादों पर आधारित है, खासकर बचपन में बिताए गए समर कैंप के अनुभवों पर। पांके ने स्वयं एक बच्चे के रूप में, फिर प्रशिक्षु, लीडर और अंततः मुख्य लीडर के रूप में कैंप में समय बिताया। यह फिल्म उन अनुभवों को दर्शाती है। फिल्म निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म उन दर्शकों को आकर्षित करेगी जिन्होंने स्वयं भी समर कैंप में भाग लिया है, क्योंकि यह अनुभव कई चेक लोगों के लिए आम है। फिल्म में बचपन की यादों और समर कैंप के जीवन को दर्शाया गया है। हालांकि, समीक्षाओं में फिल्म की कहानी में बच्चों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की कमी की बात कही गई है। यह फिल्म अब सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।
